काफिरो की कतार आज कुछ ज्यादा लम्बी दिखी,
खुदा तो हमने भी उन्हे बना दिया था.
Tuesday, February 20, 2018
इतने हुए करीब कि दूर हो गए
पा लिया वो जो कभी पा ना सके थे ,
खो रहे है जो संग ले कर चले थे!
शिद्धात से करी प्यार की राह में वफ़ा ,
पता ना चला कब हम बेवफा हो गए!
क्यू ज़िन्दगी की राह में मजबूर हो गए ,
इतने हुए करीब कि दूर हो गए!
Thursday, January 25, 2018
ज़ामाना
कुछ नया है ज़ामाना शायद, या कुछ बेवाफा सा है
हम तो घुल गए इस मानिन्द उनमे, बेमुरव्वत फिर भी शर्बत से उसकी मिठास मांगता है
कुछ नया है ज़ामाना शायद.......
वक़्त क्या, ये सांसे तक कर दी मेहर उनको, ज़ुल्म की इंतिहा देख - मगरूर मेरी ज़िन्दगी मांगता है
कुछ नया है ज़ामाना शायद.......
अब तो ली है टक्कर सीधे उस ज़माने से, देखते है कौन जीता और कौन अफसाना बन जाता है
कुछ नया है ज़ामाना शायद, या कुछ बेवाफा सा है......
Wednesday, April 30, 2014
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